in

इंट्राडे ट्रेडिंग से 10 प्रतिशत मासिक रिटर्न कैसे प्राप्त करें?

How to Earn a 10% Monthly Return From Intraday Trading?

ज्यादातर लोग जो इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं, उनका अंतिम लक्ष्य अपनी नौकरी छोड़ना और शेअर मार्केट से कमाई करना होता है। इंट्राडे ट्रेडिंग से कमाई करने के दो सरल तरीके हैं।

  • १). आप बड़ी पूंजी के साथ ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं और छोटी मासिक आय का लक्ष रखके कारोबार कर सकते हैं, इसके लिए अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है लेकिन कम कौशल की।
  • २). अन्य विकल्प छोटी पूंजी के साथ शुरू करना है, ₹ 10,000 से ₹ 30,000 और एक अच्छी जीविता के लिए उच्च रिटर्न प्राप्त करना है। इसके लिए कम पूंजी चाहिए, लेकिन बहुत अधिक कौशल।

आपकी कैपिटल को प्रतिमाह 10 प्रतिशत या उससे अधिक बढ़ाने के लिए आपको एक सॉलिड ब्लूप्रिंट की आवश्यकता होंगी | इस तरह, भले ही आप ₹ २०,००० से शुरू कर रहे हों, आप कम से कम ₹ २,००० प्रतिमाह कमा रहे होंगे, और यह आय आपकी पूंजी को बढ़ने में सहाय्यक होंगी।

आप चाहे इंट्राडे स्टॉक ट्रेडिंग, ऑप्शनस ट्रेडिंग या कमोडिटी ट्रेडिंग से शुरुआत करके अपनी ट्रेडिंग प्रक्रिया को संरेखित करें। कड़ी मेहनत और अभ्यास के साथ, छह महीने से लेकर एक साल तक, आप उन कुछ प्रो-ट्रेडर में से एक बनने में सक्षम हो सकते हैं, जो इंट्राडे ट्रेडिंग से जीवन-यापन करते हैं।


इंट्राडे ट्रेडिंग

इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता कैसे हासिल करे?

इससे पहले कि आप इंट्राडे ट्रेडिंग शुरू करे, पहले जान लीजिये की कुछ लोग लाभ कमाएंगे, उन्हें छोड़ दीजिये। अधिकांश लोग जो इंट्राडे ट्रेडिंग का प्रयास करते हैं, वे अपने ट्रेडिंग खाते में जमा राशि में से अधिक खो देंगे।

केवल ५ प्रतिशत लोग अपने कौशल, अनुशासन और अभ्यास के बलपर यशस्वी ट्रेडर बनेंगे | यशस्विता के इस स्तरपर पहुँचने के लिए छह महीने से एक साल तक का समय लगता है | आपको हिम्मत न हारकर हर दिन १-२ घंटे समर्पित करके सीखना है |

आपको एक सफल रणनीति का अवलंबन करना है जो दूसरे सफल ट्रेडर्स के लिए काम करती है |


इंट्राडे ट्रेडिंग का मन्त्र

  • प्रत्येक ट्रेड में क्वांटिटी, रिस्क रिवॉर्ड रेश्यो, स्टॉप-लॉस इनका ध्यान से अवलोकन करे | सही समय पर ही ट्रेड ले |
  • अच्छे स्टॉक का चयन करे, वोलैटिलिटी और स्टॉक की बीटा वैल्यू को जाने |
  • मार्केट सेंटीमेंट्स को ध्यानमें रखकर मंदी या तेजी करे |
  • अपने कैपिटल के १ % से अधिक ना गवाऐ |
  • अपनी भावनावोंको दूर रखकर सही समय पर एंट्री और एग्जिट करे |

कैपिटल रिस्क प्रति ट्रेड

सफल होने के लिए, प्रत्येक ट्रेड पर जोखिम को नियंत्रित रखे । हर ऐक ट्रेड पर अपने कैपिटल के अधिकतम १% का जोखिम उठाये उससे अधिक नहीं। उदाहरण के लिए, यदि आपके ट्रेडिंग अकाउंट में १०,००० है, तो प्रत्येक ट्रेड पर १,००० तक का ही जोखिम ले।

यह सुनिश्चित करने के लिए एक स्टॉप लॉस ऑर्डर रखें कि आप अपने खाते का एक प्रतिशत अधिक नहीं खोते हैं। एक बार जब आप अपने प्रवेश मूल्य को जान लेते हैं और नुकसान के स्तर को रोक देते हैं, तो अपनी पोजीशन के आकार (शेयर बाजार, विदेशी मुद्रा बाजार या वायदा बाजार में आपके द्वारा लिए गए कितने शेयर, लॉट या अनुबंध) की गणना करें।

एक प्रतिशत बहुत अधिक जोखिम नहीं हो सकती! लेकिन, जैसा कि मैं आगे बताऊंगा, हमारे जीतने वाले ट्रेड हमेशा हमारे खोने वाले ट्रेडसे से बड़े होने चाहिए।

जबकि हम केवल एक प्रतिशत जोखिम में हैं, हम अपने विनिंग ट्रेड्स पर 1.5 से 3 प्रतिशत मुनाफा बांधने का प्रयास करते हैं |

उदाहरण के लिए १०,००० को १५,००० से २०,००० बनाने के लिए – केवल एक प्रतिशत राशि को जोखिम में डालने का मतलब यह भी है कि भले ही आप १० में से ५ ट्रेड में स्टॉप लॉस लगा लेते है, परन्तु कुछ विनिंग ट्रेड्स आपके उस नुकसान को भर देते है। एक प्रतिशत से अधिक जोखिम आपके कैपिटल को खराब कर सकती है।


रिवॉर्ड : रिस्क

रिवॉर्ड : रिस्क यह है कि आप गलत ट्रेड्स पर कितना खो देते हैं, इसके सापेक्ष जीतने वाले ट्रेड्स पर कितना प्रभाव डालते हैं । यदि आप अपनी पूंजी का एक प्रतिशत हमेशा जोखिम में डाल रहे हैं, तो आपका प्रतिफल-जोखिम कम से कम 1.5: 1 होना चाहिए। इसका मतलब है कि आप अपने जीतने वाले ट्रेड्स पर 1.5 प्रतिशत (या अधिक) बना रहे हैं, और अपने खोने वाले ट्रेड्स पर एक प्रतिशत का नुकसान कर रहे हैं।

इसे अच्छे से समझने के लिए, एक प्रॉफिट गोल रखें जो आपके स्टॉप लॉस की तुलना में आपके एंट्री पॉइंट से अधिक दूरी पर है। उदाहरण के लिए, यदि आप ₹ 100 पर एक शेयर खरीदते हैं और ₹ 99 पर एक स्टॉप लॉस लगाते हैं ( यहाँ रिस्क आपकी पोजीशन के आधार पर आपके कैपिटल का लगभग एक प्रतिशत होता है ), तो आपके लक्ष्य को ₹ 101.5 के पास रखना होगा। यदि आपका ट्रेड गलत होता है, तो आप प्रति शेयर ₹1 खो देते हैं, लेकिन यदि आप सही दिशा में है, तो आप ₹1.5 प्रति शेयर बनाते हैं। यहाँ रिवॉर्ड:रिस्क का रेट 1.5 : 1 है |


विन-रेट

मान लीजिये आप महीनेमें १०० ट्रेड्स लेते है और ५३ ट्रेड्स मुनाफे में होते है और ४७ ट्रेड्स में आपका स्टॉप लॉस हिट हो जाता है, तो आपका विन-रेट ५३ प्रतिशत है|

विन-रेट और रिवॉर्ड-रिस्क रेट आपस में जुड़े है ऐसा मानना उचित होगा | अगर ४७ ट्रेड्स में आप स्टॉप लॉस हिट करते है तो रिस्क ४७,००० की होगी और ५३ ट्रेड्स में आप प्रॉफिट गोल हिट करते है तो आपका रिवॉर्ड ५३,००० होगा। अंत में आपका शुद्ध मुनाफा ६,००० होगा |

अंतिम सलाह

ट्रेडिंग में गणित की उपयोगिता है, और कई रणनीतियां स्वतंत्र रूप से उपलब्ध हैं- जो एक दिन में दो से अधिक ट्रेड्स को प्रदान करती हैं, 50 प्रतिशत से अधिक विन-रेट और रिवॉर्ड-रिस्क रेट 1.5: 1। अपने जोखिम या रिस्क को एक प्रतिशत या उससे कम पर रखना आपके ऊपर है और आपको कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जो आप को फसा दे ।

नये ट्रेडर्स को ध्यान में रखना चाहिए की ऐसा जरुरी नहीं की आपके ५० से अधिक प्रतिशत ट्रेड्स सही साबित हो | कभी आपको अधिकतम ट्रेड्स में लॉस सहना पड़ सकता है |

ट्रेंडिंग मार्केट, सही एंट्री और कारीगर इंडिकेटर आपका मुनाफा और विनिंग रेट दोनों को बढ़ा सकते है |

आगे पढ़िए –

इंट्राडे ट्रेडिंग में कोनसे इंडिकेटर का प्रयोग करे?
इंट्राडे ट्रेडिंग में सही एंट्री कैसे ले?