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सफल इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए 5 चार्ट पैटर्न्स

इंट्राडे ट्रेडिंग, आपने चार्ट पे अनेक कैंडलस्टिक पैटर्न बनते हुए देखे होंगे, लेकिन कुछ ऐसे प्रमुख पैटर्न्स है जहा आपको ९० प्रतिशत मुनाफाही होगा | जानिए ऐसे कोनसे चार्ट पैटर्न्स है जहा आप निसंदेह ट्रेड ले सकते है |

1. सीममेट्रिकल ट्रायंगल (सममित त्रिभुज)

सीममेट्रिकल ट्रायंगल

एक सीममेट्रिकल ट्रायंगल तब बनता है, जब प्राइस एक्शन लोअर हाईज और हायर लौज बनाता है | प्राइस नाही ऊपर की और अधिक होती है और नाही नीचेकी और। प्राइस एक्शन लास्ट हाई स्विंग और लास्ट लो स्विंग को लाँघ नहीं पाता। ऐसी स्थिति में आपको चार्ट पे दो ट्रेंडलाइन्स ड्रा करनी है और स्विंग हाई और स्विंग लो को जोड़ना है |

अभी आपको थोड़ा समय रुकना है और चार्ट का अवलोकन करना है | जैसे ही प्राइस एक्शन त्रिकोण को ऊपर की ओर तोड़ दे और एक नया स्विंग हाई बनाये, आपको तेजी करनी है | यदि त्रिकोण को तोड़कर प्राइस नीचेकी ओर जाती है तो आपको मंदी करनी होंगी |

2. असेंडिंग ट्रायंगल (आरोही त्रिभुज)

एक असेंडिंग ट्रायंगल राइजिंग स्विंग लोज और राइजिंग स्विंग हाईज से बनता है । एक ट्रेंडलाइन समान स्विंग हाईज के साथ खींची जाती है तो यह एक समस्तरीय रेखा बनाता है। दूसरी ट्रेंडलाइन राइजिंग स्विंग लोज को जोड़ते हुए ऊपर की ओर बनाई जाती है |

एक असेंडिंग ट्रायंगल को एक बार खींचा जा सकता है जब दो स्विंग हाइज और दो स्विंग लोज को ट्रेंडलाइन के साथ जोड़ा जा सकता है।

जैसे ही प्राइस त्रिकोण को काटकर ऊपर की या निचे की ओर जाती है, तो आपको ट्रेड लेना है |

3. डेसेंडिंग ट्रायंगल (अवरोही त्रिभुज)

एक डेसेंडिंग ट्रायंगल गिरने वाली स्विंग हाईज और समान स्विंग लोज बनाके बनता है । जब एक ट्रेंडलाइन समान स्विंग लोज के साथ खींची जाती है, तो यह एक समस्तरीय रेखा बन जाती है। गिरने वाली स्विंग हाईज को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन नीचे की ओर झुकी हुई होगी, जिससे एक डेसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न बनता है।

जैसे ही प्राइस त्रिकोण को छेदकर दृढ़ता से ऊपर की या निचे की ओर जाती है, तो आपको ट्रेड लेना है |

इस बात का ध्यान रहे की प्राइस ब्रेकआउट आने पर ही ट्रेड ले, अपने कैपिटल के १% का स्टॉप लॉस रखे और १.५ % से अधिक का प्रॉफिट गोल रखे | कभी-कभी आपको एकहि स्टॉक में दो ब्रेकआउट ट्रेड करने का मौका मिले | नीचेकी इमेज देखिये –

4. ईवनिंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न

ईवनिंग स्टार पैटर्न एक तीन कैंडल्स का समूह है जो एक अपट्रेंड के शीर्ष पर दिखाई देता है। यह एक मंदी के कदम से पहले एक नई गिरावट के लिए नींव देता है इससे पहले कि यह ऊपर की ओर गति को धीमा कर देता है।

ईवनिंग स्टार की पहचान कैसे करें

चार्ट पर इवनिंग स्टार की पहचान में तीन मुख्य कैंडल्स की पहचान करना आवश्यक है।

  1. अपट्रेंड : किसीभी स्टॉक या इंडेक्स के चार्ट में हायर हाईज और लोअर लोज का निरंतर बनना अपट्रेंड दर्शाता है ।
  2. बड़ी ग्रीन कैंडल : बड़ी बुलिश कैंडल बड़े खरीद और मौजूदा अपट्रेंड की निरंतरता का परिणाम है। इस बिंदु पर ट्रेडर्स को केवल लॉन्ग ट्रेड्स की तलाश में रहना चाहिए क्योंकि अभी तक कोई रिवर्सल का संकेत नहीं है।
  3. छोटी ग्रीन / रेड कैंडल : दूसरी कैंडल छोटी या एक डोजी हो – जो एक थके हुए ट्रेंड का पहला संकेत प्रस्तुत करती है।साधारण तौर पर यह कैंडल एक नया हायर हाई बनाती है । इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कैंडल ग्रीन या रेड है | संकेत है कि बाजार कुछ हद तक अनिर्दिष्ट है।
  4. बड़ी रेड कैंडल : इस कैंडल में नए विक्रय दबाव का पहला वास्तविक संकेत सामने आया है। मार्केट में, यह कैंडल पिछली कैंडल के करीब से नीचे गिरती है और एक नए डाउनट्रेंड की शुरुआत का संकेत देती है।
  5. प्राइस रिवर्सल : एक सफल रिवर्सल के बाद, ट्रेडर्स लोअर हाईज और लोअर लोज का निरीक्षण करेंगे, लेकिन हमेशा अच्छी तरह से रखे गए स्टॉप लॉस के माध्यम से एक असफल चाल के रिस्क का प्रबंधन करना चाहिए।

5. मॉर्निंग स्टार कैंडलस्टिक पैटर्न

मॉर्निंग स्टार पैटर्न एक तीन कैंडल्स का समूह है जो एक डाउनट्रेंड के नीचे दिखाई देता है। इससे पता चलता है कि एक बड़ी तेजी के साथ नए अपट्रेंड की नींव रखने से पहले डाउनट्रेंड की गति धीमी हो जाती है।

मॉर्निंग स्टार पैटर्न की पहचान कैसे करें

चार्ट पर मॉर्निंग स्टार की पहचान में तीन मुख्य कैंडल्स की पहचान करना शामिल है।

  1. डाउनट्रेंड : बाजार में लोअर हाईज और हायर लोज का प्रदर्शन होना चाहिए।
  2. बड़ी रेड कैंडल : बड़ी रेड कैंडल, बिक्री के दबाव और मौजूदा गिरावट की निरंतरता का परिणाम है। इस बिंदु पर ट्रेडर्स को केवल मंदीवाले ट्रेड्स की तलाश करनी चाहिए क्योंकि अभी तक कोई रिवर्सल का संकेत नहीं है।
  3. छोटी ग्रीन / रेड कैंडल : दूसरी कैंडल एक छोटी ग्रीन / रेड कैंडल या कभी-कभी एक डोजी कैंडल होती है – जो एक थके हुए ट्रेंड का पहला संकेत प्रस्तुत करती है। अक्सर यह कैंडल का गैप कम होता है क्योंकि यह लोअर लो बनाता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कैंडल ग्रीन है या रेड।
  4. बड़ी ग्रीन कैंडल : इस कैंडल में नए खरीद का दबाव मानना चाहिए। यह कैंडल पिछली कैंडल के करीब से अंतराल लेती है और एक नए अपट्रेंड की शुरुआत का संकेत देती है।
  5. प्राइस रिवर्सल : एक सफल रिवर्सल होने के बाद, ट्रेडर्स हायर हाईज और हायर लोज का निरीक्षण करें, लेकिन हमेशा अच्छी तरह से रखे गए स्टॉप लॉस के माध्यम से एक असफल चाल के जोखिम का प्रबंधन करना चाहिए।